आखिर क्यों मनाई जाती है दिवाली ? राम ही नहीं कृष्ण से भी जुड़ा है कारण

भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी दिवाली का त्योहार मनाया जाता है. हर साल देशवासी दिवाली का इंतजार करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं दिपावली से जुड़ी कई अलग-अलग मान्यताएं हैं. चलिए जानते हैं दिवाली से जुड़ी कुछ ऐसी ही मान्यताओं के बारे में.

भगवान श्री राम के वनवास से अयोध्या लौटने के कारण मनाते हैं दिवाली

सनातन धर्म के अनुसार, ऐसा कहा जाता है कि भगवान श्री राम के 14 साल के वनवास के बाद अयोध्या वापिस लौटने के कारण ही देशभर में उनके आगमन की खुशी में दिपावली मनाई जाती है. दरअसल, भरत की माता कैकई ने भगवान श्री राम को उनके पिता दशरथ से वनवास भेजने के लिए वचन ले लिया था, जिसका मान रखते हुए भगवान राम अपनी पत्नी सीता और भाई लक्ष्मण के साथ 14 वर्ष के लिए वनवास चले गए थे. 14 साल बाद जब श्री राम जी अपने राज्य वापस आएं तो पूरे देश में दीपक जलाएं गए. तभी से दिवाली का त्योहार मनाया जाता है.

पांडवों के वापस राज्य लौटने के कारण मनाते हैं दिवाली

हिन्दू महाग्रंथ महाभारत के मुताबिक, कौरवों ने धोखे से पांडवों का सब कुछ जीत लिया था. इसके बाद पांडवों को अपना राज्य छोड़कर 13 वर्ष के लिए वनवास जाना पड़ा. ऐसा माना जाता है कि कार्तिक अमावस्या को पांडव 13 साल बाद वापिस अपने राज्य आए थे. पांडवों के वापिस आने की खुशी में दिपावली मनाई जाती है.

नरकासुर राक्षस का भगवान श्री कृष्ण के द्वारा वध करने के कारण मनाते हैं दिवाली

प्राग ज्योतिषपुर नगर, नेपाल में रहने वाले राजा नरकासुर ने अपनी शक्ति से इंद्र, अग्नि, वायु और वरुण आदि सभी देवताओं को परेशान किया हुआ था. इतना ही नहीं, नरकासुर ने संतों 16 हजार स्त्रियों को बंदी बना लिया था. नरकासुर के अत्याचारों से तंग आकर सभी संतों और मुनियों ने भगवान श्रीकृष्ण से मदद मांगी.

भगवान ने सभी ऋषि-मुनियों को नरकासुर के अत्याचारों से मुक्ति दिलाने का वचन दिया. कार्तिक मास की चतुर्थी को श्रीकृष्ण भगवान ने नककासुर का वध कर दिया. इसीलिए कार्तिक मास की अमावस्था को दीप जलाकर दीपावली मनाई जाती है.

माता लक्ष्मी के अवतरण की खुशी में मनाते हैं दिवाली

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक मास की अमावस्या को समुंद्र मंथन के दौरान माता लक्ष्मी का अवतरण हुआ था. इन्हें धन और समृद्धि की देवी कहा जाता है. इसीलिए दीपावली के दिन देवी लक्ष्मी का पूजन किया जाता है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *