Rakshabandhan 2020: जानिए भाई की कलाई पर किस समय बांधें राखी और संपूर्ण पूजा विधि

Rakhi 2020: रेशम के इस धागे में इतनी ताकत क‍ि वह मीलों दूूूर बैठे भाई-बहन को हमेशा इससे जोड़े रखती है.

Rakshabandhan Muhurat

Rakshabandhan 2020: रक्षाबंधन के दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैै.

रक्षाबंधन का त्‍योहार भाई-बहन के प्‍यार, समर्पण और एक-दूसरे के प्रति अटूट विश्‍वास का प्रतीक है. इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी या रक्षा सूत्र बांधकर उनकी लंबी उम्र व खुशहाली के लिए प्रार्थना करती हैं. वहीं भाई अपनी बहन की राखी के बदले आजीवन उसकी रक्षा का वचन देते हैं. हिन्‍दू धर्म में वैदिक काल से ही रक्षासूत्र बांधने की परंपरा चली आ रही है. न सिर्फ भाई-बहन बल्‍कि इस दिन शिष्‍य अपने वरिष्‍ठों और गुरुओं की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधते हैं. इतना ही नहीं पुरोहितों द्वारा यजमानों को रक्षासूत्र बांधे जाने की परंपरा है.

हिन्‍दू पंचांग के अनुसार रक्षाबंधन का त्‍योहार हर साल सावन या श्रावण माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है. इस बार रक्षाबंधन 3 अगस्‍त को मनाया जाएगा.

रक्षाबंधन की तिथि और शुभ मुहूर्त
रक्षाबंधन की तिथि: 3 अगस्‍त 2020 (सोमवार)
पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 2 अगस्‍त 2020 को रात 9 बजकर 28 मिनट से
पूर्णिमा तिथि समाप्‍त: 3 अगस्‍त 2020 रात 9 बजकर 28 मिनट तक

रक्षाबंधन के दिन किस समय बांधें राखी?
हिन्‍दू मान्‍यताओं के अनुसार रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने के लिए अपराह्न का समय सबसे उपयुक्‍त होता है. अगर किस वजह से आप अपराह्न में राखी न बांध पाएं तो रक्षाबंधन के रीति-रिवाज संपन्न करने के लिए प्रदोष काल भी शुभ माना जाता है. इसके अलावा किसी भी स्थिति में भद्रा काल में राखी या रक्षा सूत्र न तो बांधना चाहिए न ही बंधवाना चाहिए. दरअसल, भद्रा काल को अशुभ माना जाता है. कोई भी शुभ कार्य भद्रा काल में नहीं करना चाहिए. भद्रा काल बीत जाने के बाद ही राखी बांधनी चाहिए.

3 अगस्‍त को रक्षा सूत्र या राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
राखी बांधने का समय: सुबह 9 बजकर 28 मिनट से रात 9 बजकर 17 मिनट तक
कुल अवधि: 11 घंटे 49 मिनट
रक्षाबंधन का अपराहृन मुहूर्त: दोपहर 1 बजकर 48 मिनट से शाम 4 बजकर 29 मिनट तक
कुल अवधि: 2 घंटे 41 मिनट
रक्षाबंधन का प्रदोष मुहूर्त: शाम 7 बजकर 10 मिनट से रात 9 बजकर 10 मिनट तक
कुल अवधि: 2 घंटे 7 मिनट
भद्रा काल की समाप्‍ति: सुबह 9 बजकर 28 मिनट से
रक्षाबंधन के दिन भद्रा पुंछा: सुबह 5 बजकर 16 मिनट से सुबह 6 बजकर 28 मिनट तक
रक्षाबंधन भद्रा मुखा: सुबह 6 बजकर 28 मिनट से 8 बजकर 28 मिनट तक

भाई की कलाई में इस तरह बांधें राखी

  • रक्षाबंधन के दिन सुबह-सवेरे उठकर स्‍नान करें और स्‍वच्‍छ वस्‍त्र धारण करें.
  • अगर संभव हो तो इस दिन भाई-बहन को नए कपड़े पहनने चाहिए.
  • अब घर के मंदिर की साफ-सफाई करें और नित्‍य पूजा-अर्चना करें.
  • इसके बाद मंदिर के पास खाली स्‍थान पर गोबर लीप लें और स्‍वास्तिक बना लें.
  • अब एक तांबें के लोटे में पानी लेकर उसमें गंगाजल की कुछ बूंदें, अक्षत और फूल मिलाएं.
  • इस कलश में आम या अशोक के पांच पत्तों को गोलाकार आकार में फैलाते हुए रख दें.
  • पत्तों के ऊपर श्रीफल यानी कि नारियल रख दें.
  • अब इस लोटे को स्‍वास्तिक के ऊपर रख दें.
  • कलश के दोनों ओर आसन बिछा दें.
  • कलश बीच में इस तरह रखा होना चाहिए और उसके एक तरफ आसन में भाई बैठे और दूसरी तरफ बहन का आसन हो.
  • अब कलश की विधिवत् पूजा करें.
  • राखी बंधवाते समय भाई का मुख पूर्व की ओर होना चाहिए.
  • अब बहन को पश्चिम की ओर मुख करके भाई के माथे पर रोली, चंदन व अक्षत का तिलक लगाना चाहिए.
  • तिलक लगाने के बाद भाई के दाहिने हाथ पर राखी बांधें और इस मंत्र का उच्‍चारण करें:
    येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबल:।
    तेन त्वां अभिबन्धामि रक्षे मा चल मा चल।।
  • अब भाई को मिठाई खिलाएं और थाली में दीपक रखकर उनकी आरती उतारें.
  • आरती उतारते वक्‍त उनकी खुशहाली, अच्‍छे स्‍वास्‍थ्‍य और तरक्‍की की कामना करें.
  • अब भाई को चाहिए कि वह जीवन भर बहन की रक्षा करने का वचन दे. साथ ही यथा सामर्थ्‍य बहन को भेंट भी दे.
  • रक्षाबंधन के दिन भाई-बहन को राखी बांधने के बाद ही साथ बैठकर भोजन करना चाहिए.

इस तरह सजाएं रक्षाबंधन की थाली
रक्षाबंधन की थाली बहनों को खुद अपने हाथों से सजानी चाहिए. इस थाली में मुख्‍य रूप से ये चीजें जरूर होनी चाहिए: भाई के लिए रक्षा सूत्र या राखी, रोली, कुमकुम, अक्षत, घी का दीपक, मिठाई और भाई के सिर पर रखने के लिए स्‍वच्‍छ रुमाल.

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