आयुर्वेद के ये 4 गजब के नुस्खे जड़ से खत्म कर देंगे बवासीर

बवासीर जिसे हम इंग्लिश में हैमरॉइड बोलते है, एक ऐसी बीमारी है जिसमे आपको मल-मूत्र त्यागने में परेशानी का सामन करना पड़ता हैं। बवासीर का कारण वैसे तो अनजान होता हैं लेकिन इसके कारण मलाशय के आसपास की नसों में सूजन और इन्फ्लामेशन होने के कारण होती है।बवासीर की समस्या होने से कई तरह की समस्या आती है जैसे नसों में सूजन आना, शौच करते समय परेशानी, मल के साथ खून आना या मल करते समय अत्यधिक दर्द होना आदि। कभी-कभी मल करते समय होने वाला दर्द असहनीय हो जाता है।

बवासीर से छुटकारा पाने के लिए आयुर्वेदिक उपचार

नींबू- बवासीर से छुटकारा पाने के लिए निम्बू रामबाण का काम करता हैं। दो नींबू का रस पानी में मिलाये। अनिमा का प्रयोग कर मल करने zके रास्ते से गुदा में इस पानी को पहुचायें। 10-15 मिनट के अंतराल के बाद थोड़ी देर बाद इस प्रक्रिया को दोबारा करें। इस प्रकार इस प्रक्रिया को हफ्ते में एक बार करने से बवासीर में लाभ होता है।

अंजीर- अंजीर में भरपूर मात्रा में तांबा, सल्फर और आयरन होता हैं। बवासीर में लाभ पाने के लिए दो-तीन अंजीर को अच्छे से धोकर रात को एक कांच के बर्तन में भिगोकर छोड़ दें। सुबह सवेरे खाली पेट अंजीर को पानी से निकालकर खा लें और पानी को भी पी लें। दो-तीन सप्ताह तक ये प्रक्रिया करने पर बवासीर में लाभ होता है।

जीरा- जीरा को रसोई घर में छोंक लगाने के लिए प्रयोग होता हैं। रसोई घर के साथ ये एक आयुर्वेदिक दवाई की तरह भी इस्तेमाल किया जाता हैं। इसके लिए दो लीटर मट्ठा में 50 – 100 ग्राम पिसा हुआ जीरा मिलाएं। टास्ते लाने के लिए आप इसमें थोडा काला नमक और एक चुटकी पीसी काली मिर्च मिला लें। पानी की जगह थोड़ा -थोड़ा ये छाछ पियें। ये आप रोजाना पी सकते है और ये पेट के लिए भी लाभकारी होता हैं।

इसबगोल – इसबगोल को पेट की समस्यायों और मोशन सिकनेस होने पर प्रयोग किया जाता हैं। इसे बवासीर की समस्या के लिए भी इस्तेमाल किया जाता हैं। इसके लिए इसबगोल की भूसी को ठंडी दही के साथ मिलाकर मिश्रण बना लें। इसबगोल की भूसी बवासीर में आराम देती है और साथ ही पेट भी साफ रखती है।

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