आयुर्वेद में है आप की खांसी का राम बाण इलाज

यूं तो खांसी एक आम समस्या है लेकिन इसका इलाज समय पर ना किया जाए तो ये गंभीर रूप ले सकती है. आज हम आपको बता रहे हैं आयुर्वेद में खांसी के इलाज के बारे में.
आयुर्वेद में खांसी को कास के नाम से जाना जाता है. दोषों और अन्य कारकों के आधार पर कास को पांच प्रकारों में विभाजित किया गया है – वातज, पित्तज, कफज, क्षतज और क्षयज.

इन सभी 5 प्रकारों के कारक अलग-अलग होते हैं। उदाहरण के लिए अत्यधिक शारीरिक व्यायाम वातज कास को जन्म देता है। क्रोध और गर्मी की थकावट के साथ गर्म और मसालेदार भोजन पित्तज कास को जन्म देते हैं। अत्यधिक मिठाई, आलस्य और दिन के दौरान नींद का आना कफज कास के कारक हैं। अधिक वजन और यौन आदतों में अत्यधिक भागीदारी होना क्षतज कास को प्रेरित करेगा। असंतुलित भोजन के परिणाम स्वरूप क्षयज कास हो जाएगा।

आइए जानते हैं आर्युवेद में खांसी का इलाज

काली मिर्च और दूध


4-6 काली मिर्च के बीज पीस लें। इसमें एक चम्मच शहद अच्छी तरह मिलाएं। दिन में कई बार इसे लेने से खांसी से राहत मिलती है।

बादाम और मक्खन-

बादाम खांसी के लिए एक अच्छा उपाय है. रात भर में लगभग 5-8 बादाम पानी में भिगो दें. भूरी त्वचा को हटाने के बाद, बादाम को बारीक पीस लें. इस पेस्ट में 20 ग्राम मक्खन और चीनी मिलाएं. इस पेस्ट को सुबह और शाम खाने से खांसी से छुटकारा मिलता है. यह पेस्ट सूखी खांसी के लिए एक प्रभावी घरेलू उपाय है.

काली मिर्च, अदरक और तुलसी-

10 ग्राम काली मिर्च, सूखी अदरक, तुलसी के पत्ते लें. इसमें 4-6 छोटी इलायची डालकर बारीक पीस लें. इस चूर्ण को बराबर मात्रा में शहद के साथ सेवन करने से खांसी से राहत मिलती है.

काली मिर्च, हल्दी, दूध और शहद-

एक गिलास गर्म दूध लें. इसमें 1/2 चम्मच काली मिर्च पाउडर, हल्दी पाउडर और शहद मिलाएं. इसे अच्छे से मिलाएं और बेहतरीन परिणाम के लिए इसे दिन में दो बार पियें.

प्याज और शहद-

एक प्याज को काटकर रस निकालें और इसे शहद के साथ मिलाएं. इस मिश्रण को लगभग पांच घंटे के लिए छोड़ दें और फिर इसे दिन में दो बार कफ सिरप के रूप में उपयोग करें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *