आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर है अदरक, जानें इसके गजब के फायदे

हाल ही में हुए शोधों के अनुसार अदरक में इम्युनो-मॉड्यूलेटरी, एंटी-ट्यूमरोजेनिक, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-हाइपरग्लाइकेमिक और एंटी-इमेटिक तत्वम मौजूद होते हैं. आयुर्वेद के अनुसार, अदरक पाचन प्रक्रिया को बढ़ावा देता है और भूख को कम करने में भी मदद करता है. यह पोषक तत्वों से भरपूर है जो कि सेहत में भी सुधार करता है.

ताजा अदरक को छोटे टुकड़ों में काटकर उसके रस को पीने से गले संबंधी दिक्कतों को दूर किया जा सकता है.

यदि अपच और पेट संबंधी समस्याओं को दूर करना है तो अदरक के टुकड़ों को काटकर इसमें नमक डालकर दोपहर के भोजन से पहले खाया जा सकता है.

चलिए जानते हैं आयुर्वेद के अनुसार, अदरक के लाभ.

* यह सर्दी और खांसी में बहुत उपयोगी है. जब भी जुकाम शुरू होता है तो अदरक की चाय पीने से इसमें राहत मिलती है. अदरक को छोटे टुकड़ों में काटकर काढ़ा बनने तक कम से कम आधे घंटे के लिए पानी में उबालें. इसे ठंडा करके इसमें कुछ शहद मिलाएं. इसे पीने से सर्दी-खांसी से राहत मिलेगी.

*अदरक मितली के इलाज में बहुत उपयोगी है. ताजे अदरक को पानी में उबालकर दिन भर पीने से मॉर्निंग सिकनेस और मोशन सिकनेस में भी मदद मिलेगी. अदरक के ताजा टुकड़ों को चबाना पोस्ट ऑपरेटिव मितली में बहुत मददगार होता है. अदरक पेट फूलने से राहत दिलाने में भी बहुत मददगार है.

*यह मांसपेशियों में ऐंठन से राहत दिलाने में बहुत मददगार है. ऐसे मामलों में ताजा अदरक का रस निकालकर इसे ऐंठन वाली मांसपेशी पर रगड़ने से आराम मिलता है. यहां तक कि जब गर्भाशय ग्रीवा स्पोंडिलिटिस में ग्रीवा की मांसपेशियों की जकड़न होती है तो भी यह नुस्खा मददगार है.

*यह माइग्रेन में बहुत उपयोगी है. ताजा अदरक का रस निकालकर इसे माथे पर लगाने से माइग्रेन के दर्द में आराम मिलता है.

*यह लार के उत्पादन में भी मदद करता है. इसलिए जब भी मुंह सूखा हो तो अदरक चबाना बहुत मददगार होता है. यह उन कैंसर रोगियों में भी प्रभावी है जो रेडियोथेरेपी के बाद शुष्क मुंह से पीड़ित हैं.

*अदरक को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाएं. चाय में और अपने खाना पकाने में इसका उपयोग करें और इसके लाभ उठाएं.

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