Ram Janmabhoomi Mandir News: तीर्थ स्थलों, पवित्र नदियों से पावन मिट्टी और जल अयोध्‍या भेज रहे हैं श्रद्धालु

बलिदानी वीरों के प्रेरणा स्थलों से मिट्टी, जल और अन्य वस्तुएं अयोध्या पहुंची

Shri Ram Janmabhoomi

श्रीराम जन्‍मभूमि पर भव्‍य मंदिर निर्माण का काम पांच अगस्‍त से शुरू होने जा रहा है. इसके लिए आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई संगठनों के प्रमुख भाग लेंगे. देश भर में इसे लेकर उत्‍साह का माहौल बना हुआ है. निर्माण कार्य के लिए गठित ट्रस्‍ट श्री राम जन्‍मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने कहा है कि देश के अलग अलग भागों से लोग वहां की पावन मिट्टी और नदियों के पवित्र जल भेज रहे हैं. श्री राम जन्‍मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने अपने ट्विट में यह जानकारी दी है.

श्री राम जन्‍मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने अपने ट्विट पेज पर विभिन्न स्थानों से अयोध्या पहुंचे जल के कलश और मिट्टी से भरे पात्र की तस्‍वीर शेयर करते हुए लिखा है कि देश के सभी प्रमुख तीर्थस्थलों, राष्ट्रीय महत्व के स्थानों और पवित्र नदियों से पावन मिट्टी और जल, श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर के निर्माण हेतु अयोध्या में पहुंच रहा है. दिनांक 31 जुलाई 2020 को विभिन्न स्थानों से अयोध्या पहुंचे जल के कलश और मिट्टी से भरे पात्र.

Ram Janmabhoomi News
Ram Janmabhoomi News: देश के विभिन्‍न भागों से आए पवित्र जल और पावन मिट्टी

श्री राम जन्‍मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने अपने दूसरे ट्विट में जानकारी दी है कि श्री बद्रीनाथ धाम, छत्रपति शिवाजी महाराज के किला रायगढ़, श्री रंगनाथस्वामी मन्दिर, तमिलनाडु, श्री महाकालेश्वर मंदिर, हुतात्मा चन्द्रशेखर आज़ाद व बलिदानी बिरसा मुंडा की जन्मभूमि सहित सभी तीर्थों और बलिदानी वीरों के प्रेरणा स्थलों से मिट्टी, जल और अन्य वस्तुएं अयोध्या पहुंची हैं.

इससे पहले ‘श्री राम जन्‍मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ ने अयोध्‍या में 5 अगस्‍त से भव्‍य श्रीराम मंदिर के निर्माण कार्य आरम्‍भ होने के अवसर पर लोगों से अपने घरों में दीपक जलाकर दिव्य भव्य अवसर का स्वागत करने की अपील की. संगठन के महासचिव चम्‍पत राय की ओर से जारी किए गए बयान में यह अपील की गई.

ज्ञात हो कि 5 अगस्‍त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्‍या जाएंगे और श्रीराम मंदिर निर्माण कार्य में शामिल होंगे. इसके लिए निर्माण स्‍थल पर सभी तैयारियों को तेजी के साथ पूरा किया जा रहा है.

Shri Ram Mandir Model
श्रीराम मंदिर का प्रारूप, मंदिर का निर्माण कार्य 5 अगस्‍त से शुरू होने जा रही है.

भगवान राम की पावन नगरी अयोध्या सरयू नदी के तट पर बसी है. स्कंद पुराण में भगवान राम की जन्मभूमि को ब्रह्मा, विष्णु और शंकर भगवान की पवित्र स्थली कहा गया है. धार्मिक पुराणों के अनुसार पावन अयोध्या नगरी भगवान विष्णु के सुदर्शन चक्र पर बसी हुई है. यहां पर स्थित सीता कुंड में स्नान करने से मनुष्य को सभी पापों से मुक्ति मिलती है. अयोध्या नगरी में स्नान, जप, तप, हवन, दान, दर्शन, ध्यान आदि करने से पुण्य की प्राप्ति होती है. महिर्षि वाल्मिकि ने भी महाकाव्य रामायण में अयोध्या नगरी को सरयू नदी के तट पर बसी पवित्र और पावन नगरी बताया है. अथर्वेद में अयोध्या को देवताओं का स्वर्ग बताया गया है.

धार्मिक कथाओं के अनुसार एक बार महाराज विक्रमादित्य भ्रमण करते हुए सरयू नदी के किनारे पहुंच. यहां उन्हें कुछ चमत्कार दिखाई दिए. तब महाराज विक्रमादित्य ने आस-पास के संतों से पूछा कि ये चमत्कार कैसा? महाराज विक्रमादित्य को संतों ने बताया गया है कि ये भूमि भगवान राम की पावन अयोध्या नगरी है, इसलिए यहां आपको चमत्कार दिखाई दे रहे हैं. इसके बाद महाराज विक्रमादित्य ने अयोध्या में मंदिर, सरोवर, कूप आदि का निर्माण करवाया था.

धार्मिक कथाओं के अनुसार भगवान राम के अपने धाम जाने के बाद अयोध्या के कीट पतंग तक भगवान राम के साथ उनके दिव्य धाम चले गए थे, जिस कारण अयोध्या नगरी वीरान हो गई थी। ऐसा कहा जाता है कि भगवान राम के पुत्र कुश ने ही भगवान राम का नाम लेकर अयोध्या नगर को दोबारा बसाया था. अयोध्‍या में काफी संख्‍या में मंदिर अवस्थित है जिनमें हनुमानगढ़ी मंदिर, जैन मंदिर, कनक भवन, राघवजी का मंदिर, नागेश्वर नाथ मंदिर आदि प्रमुख है.

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