मंगल ग्रह के कारण होती है शरीर में खून की कमी, योग में है इसका उपाय

मंगल ग्रह सौरमंडल में चौथे ग्रह पर पाया जाता है और लाल ग्रह के नाम से भी जाना जाता है. मनुष्य के जीवन और सेहत पर ग्रहों की चाल का बहुत असर पड़ता है. ग्रहों की चाल ही है जिसके कारण उनके जीवन में सुख और दुख आता जाता रहता है. यदि बात करें उनके जीवन में पड़ने वाले मंगल ग्रह के बुरे प्रभाव की तो इसकी वजह से शरीर में कई बीमारियां उत्पन्न हो सकती हैं.

मंगल ग्रह के अशुभ प्रभाव से जातक अक्सर किसी दुर्घटना का शिकार होता रहता है या फिर उसके जीवन में दुर्घटना की स्थिति बनी रहती है. मंगल ग्रह की चाल बिगड़ने से जातक रसायन, बिजली, वाहन, आग हथियार और अत्यधिक ऊर्जा के चलने वाली चीजों से अधिक दुर्घटना का शिकार होता है. मंगल ग्रह के प्रभाव से जातक की सबसे अधिक रक्त संबंधी बीमारियां होती है जिसकी वजह से शरीर में खून की कमी और खून में अशुद्धि होने लगती है.

यदि आपके मंगल ग्रह की चाल ठीक नहीं है या फिर आपको मंगल दोष है तो घबराने की जरूरत नहीं है. आज हम आपको कुछ ऐसे योगासन बता रहे हैं जिनके रोजाना अभ्यास से आप रक्त संबंधी बीमारियों से समय रहते बच सकते हैं.

पद्मासन

इस आसन को करना बहुत ही आसान है. दोनों पैरों को चौकड़ी मारकर बैठ जाएं. इसके बाद पंजों में कसाव लाते हुए उन्हें जांघों के ऊपर इस तरह रखें कि पैरों में कसाव महसूस हो. कमर सीधी रखें और हथेलिया घुटनों पर सीधी रखें. इस आसन की सहायता से पूरे शरीर में रक्त का संचार बढ़ जाता है और रक्त में मौजूद सारी अशुद्धियां खत्म होने लगती हैं.

मयूरासन

इस आसन को करने के दौरान मनुष्य की स्थि‍ति मोर के आकार ही हो जाती है. इसीलिए इसे मयूरासन कहा जाता है. इस आसन को करने के लिए पेट के बल लेट कर शरीर का पूरा भार हाथों पर डाल दें और पैरों को भी हवा में उठाएं. इस आसन की सहायता से आप मधुमेह और एनीमिया जैसी बीमारियों से निजात पा सकते हैं.

शितलीकरण प्राणायाम

इस आसन में दोनों पैर मोड़कर आरामदायक अवस्था में बैठ जाएं और फिर दोनों हाथों को अपने घुटनों पर रखें और आंखें बंद कर लें. अपनी जीभ को बाहर निकालकर उसे ट्यूब की तरह मोड़ कर उससे सांस लें और नाक से सांस बाहर छोड़ दे. यह आसन शरीर को ठंडा करने में सहायक होता है और रक्त को शरीर में सुचारू रूप से पहुंचाने में मदद करता है.

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