धनुरासन, हलासन से ठीक करें इस ग्रह के दुषप्रभाव से होने वाली बीमारियां

ग्रहों में बुध ग्रह का महत्व बड़ा ही व्यापक है. इसे ज्योतिष शास्त्र में बुध यानि मरकरी को देवताओं के संदेशवाहक के रूप में माना जाता है. बुध ग्रह वाला व्यक्ति बुद्धिमान और हास्य–विनोद का प्रतिनिधित्व करता है. लेकिन कुछ स्थितियों में बुध अशुभ ग्रह बनकर आपके जीवन में सफलता के दरवाज़े बंद कर देता है.

इसके अशुभ प्रभाव से आप चिंता, अनिश्चितता और मानसिक बीमारियों से पीड़ित और प्रभावित हो सकते हैं.

यदि किसी जातक का बुध ग्रह अशुभ है तो उसके प्रभाव से मानसिक स्थिति, तनाव, हाथों में कंपन और फेफड़े, तंत्रिका तंत्र, त्वचा आदि शरीर के अंग प्रभावित हो सकते हैं. लेकिन आपको चिंता करने की जरूरत नहीं. आप बुध के बुरे प्रभाव से होने वाली बीमारियों को योगासन के जरिए आसानी से ठीक कर सकते हैं.

बुध ग्रह के बुरे प्रभाव से होने वाली बीमारियों को दूर करने के लिए योगासन

धनुरासन

धनुरासन पेट की मांसपेशियों के साथ-साथ कमर की मांसपेशियों को भी मजबूत करने में मदद करता है. बुध ग्रह के दुष्प्रभाव से रीढ़ ही हड्डी में दर्द रहने लगता है. ऐसे में धुनरासन सर्वश्रेष्ठ है. इस आसन को करने के लिए आप पेट के बल आसन बिछाकर लेट जाएं. इसके बाद धीरे-धीरे पैरों को उठाएं और दोनों हाथों से पैरों को पकड़ते हुए गर्दन को पीछे की ओर लेकर जाएं. कुछ देर इसी अवस्था में रहें.

हलासन


इस आसन का नाम भी इसकी क्रिया के आधार पर ही रखा गया है. हलासन की करने के लिए पीठ के बल लेट जाएं. इसके बाद धीरे-धीरे पैरों को पीछे ले जाते हुए सिर से ऊपर तक और फिर सिर के पीछे ले जाएं. अब धीरे-धीरे हाथों से पैरों को छूने की को‍शिश करें. इस आसन को करने से फेफडों संबंधी और पेट संबंधी बीमारियों को दूर किया जा सकता है.

मूलबंध


यह आसन आपके शरीर में जमा कब्ज जैसे रोग को समाप्त कर देता है और आपकी भूख को बढ़ाने में सहायक होता है. ये आसन पद्मासन की तरह ही किया जाता है. लेकिन साथ में इसमें तेजी से सांस लेते और छोड़ते हुए पेट अंदर और बाहर करना होता है. यदि रोज सुबह उठकर इस आसन को नियमित रूप से किया जाए तो यह आपके शरीर का भारीपन घटाता है और आपकी यौन ग्रंथियों को मजबूत करता है.

योगनिद्रा

यह मानसिक तनाव और भावनात्मक असंतुलन को दूर करने में मददगार है. योग निद्रा व शिथलीकरण के प्रतिदिन 10 मिनट के अभ्यास से मानसिक स्थिति, तनाव, हाथों में कंपन से छुटकारा मिलता हैं. इस आसन को श्वासन के नाम से भी जाना जाता है. इस आसन में शरीर को जमीन पर शि‍थिल छोड़ दिया जाता है और हथेलियां हवा में और पैर ढीले छोड़ जाते हैं. लेटकर आंखें बंद कर लें. इससे बुध ग्रह के दुष्प्रभाव से होने वाले तनाव को दूर करने में मदद मिलती है.

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